"यार, क्या हॉट लड़की है प्रिया, अब और रहा नहीं जाता; हमें उसका आने जाने का रूटीन पता तो है ही, तो क्यों ना कल उसे किडनैप कर अपनी अपनी प्यास बुझाए?, बोलो क्या कहते हो सब?" मयंक ने अपने दो दोस्तों आलोक और विनय से एक गन्दी हंसी के साथ पूछा।

चिलचिलाती तेज धूप मैं गर्म हवाएं चल रही थी ऐसे खतरनाक मौसम में अर्धनग्न अपने डागले के नीचे बैठा कालूबा बीड़ी पी रहा था सिर के आधे बाल सफेद, शेष सिर सपाट था। आंखें धसी धसी और हाथ पैर किसी लकड़ी की तरह सूखे पतले से।

हेस्टिंग्स आए हुए मुझे बहुत वर्ष होने को है। यह लंदन से थोड़ा दूर एक बेहद साफ सुथरा गाँव है। मेरा यहाँ आना कैसे हुआ, मुझे भारत क्यों छोड़ना पड़ा, एक मार्मिक घटना है।

....बात जंगल के राजा की थी लिहाजा फैसला हो गया। जंगली झाड़ियों को जलाने के लिए जंगल में आग लगाई जाएगी ताकि जंगल साफ सुथरा दिखे और जंगली जानवर उनमें उलझकर घायल न हों..

‘तुम फिर आ गईं अम्मा?’- डाकखाने के बड़े बाबू ने उस बुढ़िया को दुत्कारते हुए कहा जिसके बदन पर एक सफ़ेद मामूली-सी धोती थी।

बाहर से लौट कर गेट खोला, तो भीतर कुछ पत्र पड़े। दो लिफाफे और बाकी पोस्ट कार्ड थे। पत्र जब चलन से बाहर हो चले हों, ऐसे समय में इन पत्रों का आना, मेरे लिये किसी नेमत से कम नहीं था। उन्हें उठाकर टेबल पर रखने लगी तो, एक पोस्टकार्ड ने मेरा ध्यान खींचा।

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