"यार, क्या हॉट लड़की है प्रिया, अब और रहा नहीं जाता; हमें उसका आने जाने का रूटीन पता तो है ही, तो क्यों ना कल उसे किडनैप कर अपनी अपनी प्यास बुझाए?, बोलो क्या कहते हो सब?" मयंक ने अपने दो दोस्तों आलोक और विनय से एक गन्दी हंसी के साथ पूछा।

"यार, बिल्कुल सही कह रहा है, अब और सहन नहीं होगा, क्या लड़की है यार, एकदम मस्त; मज़ा आ जाएगा।" हंसते हुए आलोक ने कहा।

"तुम दोनों पागल हो गए हो, कितने घटिया हो तुम दोनों, इतना गन्दा सोच भी कैसे सकते हो तुम लोग?" विनय ने गुस्से में कहा।

"अबे, तू कबसे शरीफ बन गया बे, माना कि लड़की का रेप पहली बार करेंगे, लेकिन फिर भी तू शरीफ तो नहीं था कभी।"थोड़ा झल्लाते हुए मयंक ने कहा।

"जबसे मेरी बहन के साथ किसी ने जबरदस्ती करने की कोशिश की और मैंने उसे फूट फूट कर रोते देखा, लड़कियों को देखने का मेरा नज़रिया बदल गया, अब कोई भी लड़की को मैं गलत नज़र से नहीं देखता, देख ही नहीं पाता और तुम खुद सोचों तुम रेप करोगे, तो तुम भी नहीं बचोगे, पहले तो तुम्हारी खुद की इज्जत तार -तार हो जाएगी और फिर।"विनय ने समझाना चाहा, लेकिन आलोक ने विनय को बीच में ही रोकते हुए कहा"अबे, भाषण बंद कर; ज्ञान मत बांट और तुझे हमारा साथ देना है, तो दे, नहीं तो; अगर तूने कहीं जाकर मुंह खोला, तो अच्छा नहीं होगा।" आलोक ने धमकी भरे अंदाज़ में विनय को कहा।

अगले दिन मयंक ने हंसते हुए विनय से कहा "अच्छा हुआ, जो तू हमारा साथ देने के लिए मान गया, यार लड़कियां तो वैसे भी यूज करने के लिए होती हैं, बस मज़े लें।

थोड़ी देर में तीनों अपने प्लान के अनुसार प्रिया को किडनैप कर लेते हैं, विनय ड्राइव कर रहा होता है और मयंक और आलोक प्रिया के साथ पीछे की सीट पर होते हैं, प्रिया के चेहरे पर मास्क लगा होता है।

"क्या बात है, आज आई है मुर्गी हाथ में, मेरे तो मुंह में पानी आ रहा है, चलो शिकार किया जाए।" मयंक हंसते हुए बोला और प्रिया के चेहरे से मास्क हटाया, लेकिन प्रिया को देखते ही मयंक को हजार वॉट का झटका लगा, क्योंकि वो प्रिया नहीं बल्कि मयंक की बहन दिव्या थी।

"क्या हुआ भैया, रुक क्यों गए? करिए ना शिकार; मुर्गी हाथ में है, करिए ना यूज, रुको मत; करो यूज, चलो आप तो मेरे भाई हो, लेकिन आपके ये दोनों दोस्तों से कहो, कि मेरा शिकार करें; मुझे यूज करें, बोलो ना भैया, बोलो ना चुप क्यों हो?"रोते हुए दिव्या बोली।

मयंक ने दिव्या को गले लगा लिया और कहा कि "वादा करता हूँ कभी भी लड़कियों को गलत नजर से नहीं देखूंगा और कभी किसी मुसीबत में लड़की को देखा, तो उसकी मदद करूंगा, हमेशा लड़कियों की इज्जत करूंगा, तेरी कसम खाता हूं।" मयंक ने भी रोते हुए कहा।

आलोक का भी सर झुका हुआ था और विनय का सर उठा हुआ था और साथ ही चेहरे पर एक सुकून भरी मुस्कुराहट थी, क्यूंकि उसने एक लड़की की इज्जत बरबाद होने से बचा ली थी।