हमारे पूर्वजों ने दिवाली सहित किसी धार्मिक आयोजन या लोकपर्व की परिकल्पना करते वक़्त अपने कारीगरों, शिल्पियों और कृषकों की रोज़ी-रोटी और सम्मान का पूरा ख्याल रखा था। उनके उत्पादों के बिना कोई भी पूजा सफल नहीं मानी जाती थी। औद्योगीकरण के आज के दौर ने बहुत कुछ बदल दिया है।

एक 93 साल के व्यक्ति ने विदेश में किताब निकाली। एक 95 साल के व्यक्ति ने मेरठ में निकाली। विदेश में किताब निकालना बहुत बड़ी बात, वहाँ सब किताब प्रेमी हैं, बच्चे किताबों के लती बनाए जाते हैं।

सम्पादक मंडल

मुख्य सम्पादक : डॉ. पुष्पलता मुजफ्फरनगर

सह सम्पादक : मिली सिंहराहुल सिंह

प्रबंध सम्पादक : राजेश मंगल

हमारे लेखक

मुजफ्फरनगर
उत्तर प्रदेश
कन्नौज
उत्तर प्रदेश
शाहजहाँ पुर
उत्तर प्रदेश
उत्तर प्रदेश
गाज़ियाबाद
उत्तर प्रदेश
इंदौर
मध्यप्रदेश
पश्चिम विहार
दिल्ली
गढ़वाल
उत्तराखंड
मुजफ्फरनगर
उत्तर प्रदेश

रचना प्रेषित करें

"आखर-आखर" पत्रिका में प्रकाशन हेतु आपकी साहित्यिक लेख, कविता, कहानी, लघुकथा, व्यंग्य, समीक्षा, संस्मरण आदि रचनाएं आमंत्रित है।

प्रकाशन हेतु लेखक अपनी रचना "editor@aakhar-aakhar.com" पर ईमेल कर सकते हैं।

पुस्तक समीक्षा प्रकाशन हेतु पुस्तक की एक प्रति डाक द्वारा निम्न पते पर अवश्य भेजें :

डॉ पुष्पलता अधिवक्ता मुजफ्फरनगर
253-ए, साउथ सिविल लाइन,
मुजफ्फरनगर-251001 (उ.प्र.)

Go to top

 © सर्वाधिकार सुरक्षित आखर-आखर (हिन्दी वेब पत्रिका) || Powered by Aakar Associates Pvt Ltd