प्रो. बटुक को उनकी अनन्य सेवाओं के लिए कबीर सम्मान 2022 से वेब पत्रिका आखर-आखर की संपादिका डॉक्टर पुष्पलता अधिवक्ता मुजफ्फरनगर द्वारा सम्मानित किया गया। 

13 अप्रैल 2022 को मेरठ में अतंर्राष्ट्रीय साहित्य, कला मंच के तत्वाधान में इव्ज चोक स्थित पंडित प्यारेलाल शर्मा स्मारक सभागार में मेरठ के वरिष्ठ साहित्यकार प्रोफेसर वेद प्रकाश बटुक जी के 91 वे जन्म दिवस के शुभ अवसर पर अंतर्राष्ट्रीय साहित्य कला मंच, न्यू वर्ल्ड पब्लिकेशंस और मास्टर सुंदरलाल स्मृति न्यास के संयुक्त तत्वावधान में पुस्तक लोकार्पण एवं सम्मान समारोह का भव्य आयोजन किया गया ।इसमें अध्यक्ष के रूप में आमंत्रित रहे पूर्व राजदूत श्री बाल आनंद जी और मुख्य अतिथि थी चंडीगढ़ से पधारी साहित्यकार डॉ राज वंती मान जबकि विशिष्ट अतिथि रही मुजफ्फरनगर की साहित्यकार डॉक्टर पुष्प लता जी अधिवक्ता , वरिष्ठ कवि श्री कौशल कुमार जी और मेरठ निवासी पूर्व राजदूत श्री अशोक शर्मा विशेष अतिथि रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ कवयित्री सुषमा सवेरा की सरस्वती वंदना के साथ हुआ ।राजवंती द्वारा संपादित पुस्तक सरदार भगत सिंह एक प्रतिबंधित जीवनी का भी विमोचन अतिथियों द्वारा किया गया । इसके साथ ही प्रोफेसर वेद प्रकाश बटुक जी को सभी मंचस्थ अतिथियों तथा सभागार में उपस्थित बड़ी संख्या में आए हिंदी प्रेमियों द्वारा उनके 91 वे जन्मदिवस पर हार्दिक बधाई दी गई तथा उनके द्वारा रचित पुस्तकों रचनावली खंड 1 तथा उत्तर राम कथा के द्वितीय संस्करण का भी विमोचन अतिथियों द्वारा किया गया । सभा को श्री कौशल कुमार ,श्री अशोक कुमार,पत्रकार शाहिद चोधरी,डा आर के भटनागर तथा डॉ पुष्पलता ने भी संबोधित किया।

डॉ वेद प्रकाश वटुक जी को अंतर्राष्ट्रीय वेब पत्रिका आखर- आखर द्वारा प्रदत्त कबीर सम्मान की चयन समिति के सदस्यों में माणिक दास -केन्या ,प्राची -मस्कट ,भारती सिंह- शंघाई, राजेश मंगल, डॉ राम गोपाल भारतीय- मेरठ ,डॉ पुष्पलता-मुजफ्फरनगर ,मोमितादास -अमेरिका प्रमुख रहे ।संस्था ने डॉ वेद प्रकाश वटुक जी को इस युग का कबीर बताते हुए कहा कि संस्था सत्य के लिए हिमालय की तरह अडिग खड़े डॉ वेद प्रकाश वटुक जी को यह सम्मान प्रदान करते हुए गौरव महसूस करती है।

कार्यक्रम में प्रो वटुक की पुस्तकों को प्रकाशित करने वाला प्रकाशन न्यू वर्ड पब्लिकेशंस की आरिफा एविस द्वारा भी अपने विचार व्यक्त किए गए । कार्यक्रम का संचालन कवि डॉक्टर रामगोपाल भारतीय द्वारा किया गया । कार्यक्रम के दूसरे सत्र में सरस काव्य गोष्ठी का आयोजन भी किया गया जिसमें मेरठ के जाने-माने कवियों ने काव्य पाठ कर श्रोताओं को भाव विभोर कर दिया समारोह में प्रोफेसर बटुक को शुभकामनाएं देने वालों में प्रमुख रूप से पूर्व कमिश्नर डॉक्टर आरके भटनागर, वरिष्ठ छायाकार ज्ञान दीक्षित , वरिष्ठ गीतकार श्री गोविन्द रस्तोगी , नवगीत कार शिवानंद सहयोगी जी, के साथ-साथ काव्य पाठ करने वाले कवियों श्री कृष्ण कुमार बेदिल ,श्री ईश्वर चंद गंभीर ,श्री सत्यपाल सत्यम , ,श्री सुमनेश सुमन जी,मनोज कुमार मनोज, गोपाल जानम ,मोहम्मद यूनुस खान , मो यूसुफ खान,गोविन्द रस्तोगी ,डोरी लाल भास्कर ,मंगल सिंह मंगल,यास्मीन मुमुल,विनय नोक,संजय शर्मा,किशन स्वरूप और महासचिव श्री चंद्रशेखर मयूर आदि कवि शामिल रहे ।समारोह को संबोधित करते हुए प्रोफ़ेसर वेद प्रकाश बटुक ने कहा कि आज सच पर संकट है। इसलिए सच्चा कवि वही है जो सच लिखे और समाज में व्याप्त बुराइयों का विरोध करें । व्यवस्थाकी कमियों को बिना किसी डर के उजागर करें ।यदि कवि ऐसा नहीं करता है तो वह अपना धर्म नहीं निभा रहा। यही राष्ट्रप्रेम है और यही कवि धर्म है ।अध्यक्षता कर रहे पूर्व राजदूत श्री बाल आनंद ने कहा की प्रोफ़ेसर वटुक ने जीवन भर हिंदी की सेवा की है ।उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन में भी भाग लिया। गदर पार्टी पर उनका लेखन कालजयी है ।उनकी चारों आत्मकथा पुस्तकें मील का पत्थर है और उनके द्वारा रचित 2 दर्जन से भी अधिक पुस्तकें हिंदी साहित्य की अमूल्य धरोहर है ।उन्होंने अमेरिका में रहकर भी साहित्य और समाज की सेवा की और स्वदेश में रहकर भी वह 91 वर्ष की आयु में भी सृजन कर रहे हैं और निरंतर लिखते रहते हैं ।ईश्वर उन्हें स्वस्थ रखें और दीर्घायु प्रदान करें । वक्ताओं ने यह कार्यक्रम संविधान निर्माता डॉ भीमराव अंबेडकर जयंती की पूर्व संध्या में होने पर बाबा साहेब डॉ आंबेडकर को भी याद किया।और उन्हें अपनी श्रद्धांजलि अर्पित की।अंत में संयोजक डॉक्टर रामगोपाल भारतीय ने सभी आगंतुकों ,अतिथियों ,और उपस्थित श्रोताओं का धन्यवाद किया और आभार व्यक्त किया।कार्यक्रम को सफल बनाने में श्री दिनेश जैन,श्याम सुंदर,पूनम पंडित,सुनीता ,अशोक कुमार,धर्मपाल आर्य आदि का विशेष योगदान रहा।