पुराने ठाँव से रहती है लिपटी ।
गरीबी गाँव से रहती है लिपटी ।

हमारे खेत की मिट्टी है साहब !
हमेशा पाँव से रहती है लिपटी ।

इसे पानी से नफ़रत हो गई क्या?
ये मछली नाँव से रहती है लिपटी ।

वो मेरी जान है 'राही' जो मेरे,
बदन की छाँव से रहती है लिपटी ।



किसी से इश़्क करना चाहिए था ।
मुझे हद से गुज़रना चाहिए था ।

वो आँखों में उतरकर रह गया है,
जिसे दिल में उतरना चाहिए था ।

मुहब्बत पाके भी तुम खुश नहीं हो,
तुम्हें तो डूब मरना चाहिए था ।

ये क्या पहली दफा में भर ली हामी,
ज़रा-सा तो मुकरना चाहिए था ।

हमें तन्हाई रास आने लगी है,
तुम्हारा साथ वरना चाहिए था ।