Avatar

किशन स्वरूप

परिचय
नाम
किशन स्वरूप
जन्म तिथि एवं स्थान
30 दिसंबर, 1942
कार्यक्षेत्र
मुख्य अभियंता के पद से सेवानिवृत्त
संपर्क सूत्र
शहर / जिला
मेरठ
देश
भारत
आखर-आखर में प्रकाशित रचनाएं

हक़ीक़त हो गयी उसको पता तो,हुआ वो बेसबब हमसे ख़फ़ा तो। अँधेरे में कोई ग़फ़लत न करना,वहाँ भी देखता होगा ख़ुदा तो।

बादल आँख मिचोली खेले आंचल फटा बटोरे धूप छप्पर आसमान सिर ढोए काल डस गया काया रूप ।हौले पवन बुहारे आंगन द्वार देहरी एक समान ,रिश्ते डूब गए पानी में अपनों ने छीनी मुस्कान।

नारी
कविता / ग़ज़ल

तुम माँ हो, दुहिता हो,भगिनी, मित्र तुम्हीं ,जीवन को जीवन दे मात्र चरित्र तुम्हीं । तुम सागर हो प्यार -प्रीति का ममता का, सहिष्णुता सद्भाव ,सौम्यता ,समता का ।

आईने से गुफ्तगू
कविता / ग़ज़ल

महफ़िल पै थी निगाह यही सोचते रहे, आई किधर से वाह यही सोचते रहे। उम्मीद कम थी फिर भी भरोसा ज़रूर था,कोई तो दे पनाह यही सोचते रहे।

जिस सफर में साथ तुम थे, रहबरी अच्छी लगीदिल गया तो क्या गया ये रहज़नी अच्छी लगी उसने मेरी ग़लतियों पर जब कभी डाँटा मुझेफ़क़्र है माँ आज, तेरी बेरुख़ी अच्छी लगी

सम्पादक मंडल

मुख्य सम्पादक : डॉ. पुष्पलता मुजफ्फरनगर

सह सम्पादक : मिली सिंहराहुल सिंह

प्रबंध सम्पादक : राजेश मंगल

रचना प्रेषित करें

"आखर-आखर" पत्रिका में प्रकाशन हेतु आपकी साहित्यिक लेख, कविता, कहानी, लघुकथा, व्यंग्य, समीक्षा, संस्मरण आदि रचनाएं आमंत्रित है।

प्रकाशन हेतु लेखक अपनी रचना "[email protected]" पर ईमेल कर सकते हैं।

पुस्तक समीक्षा प्रकाशन हेतु पुस्तक की एक प्रति डाक द्वारा निम्न पते पर अवश्य भेजें :

डॉ पुष्पलता अधिवक्ता मुजफ्फरनगर
253-ए, साउथ सिविल लाइन,
मुजफ्फरनगर-251001 (उ.प्र.)

Go to top

 © सर्वाधिकार सुरक्षित आखर-आखर (हिन्दी वेब पत्रिका) || Powered by Rajmangal Associates Pvt Ltd