"अरे, अब तो ये लोग भी बड़ी, हाई-फ़ाई सोसाइटिज़ में फ़्लैट लेने लगे हैं l" श्रीमती प ने कहा l

"कौन लोग ?" मैंने पूछा l

डमरू ने कागज में लिपटा एक पैकेट नुमा सामान मेरी ओर बढ़ाया और याचक मुद्रा में देखने लगा।

मुझे समझ नहीं आ रहा था कि वह मुझसे क्या चाहता है।

और लाख कोशिश के बाद भी...प्रतिमा को बचाया नहीं जा सका। प्रतिमा तो पिछले 2 माह से कोमा में है जब से वो बाथरूम में फिसल कर सिर के बल गिर पड़ी थी,

दफ्तर में ये ख़बर आग की तरह फैलने लगी कि कल जो विमल तेज बुखार में तप रहा था आज उसका कोविड-19 टेस्ट पॉजिटिव आया है। अब सबके बीच सुगबुगाहटें बढ़ने लगीं।

टी.वी. पर प्रवासी मजदूरों के पलायन और मारा-मारी का हाल देखकर मैं बार-बार सोचता हूं कि कितने नासमझ और बेवकूफ हैं ये लोग, क्या इन्हें कोरोनावायरस की महामारी का अभी तक पता ही नहीं चला या अपनी जान की बिल्कुल भी चिन्ता नहीं।

गर्मियों का मौसम था| हमेशा की तरह गर्मियों की छुट्टियों में सपरिवार अपने गाँव गए हुए थे| जब वापिस लौटे तो पाया, ड्राइंग-रूम में इधर-उधर कुछ तिनके फैले हुए हैं| अरे! ये तिनके कहाँ से आ गए? किस ने फैलाये होंगे? सब हैरान थे और चारों तरफ अपनी निगाहें दौड़ा रहे थे| आखिर पता चल ही गया|

सम्पादक मंडल

मुख्य सम्पादक : डॉ. पुष्पलता मुजफ्फरनगर

सह सम्पादक : मिली सिंहराहुल सिंह

प्रबंध सम्पादक : राजेश मंगल

हमारे लेखक

जयपुर
राजस्थान
शाहजहाँ पुर
उत्तर प्रदेश
कानपुर
उत्तर प्रदेश
इंदौर
मध्यप्रदेश
गाज़ियाबाद
उत्तर प्रदेश

रचना प्रेषित करें

"आखर-आखर" पत्रिका में प्रकाशन हेतु आपकी साहित्यिक लेख, कविता, कहानी, लघुकथा, व्यंग्य, समीक्षा, संस्मरण आदि रचनाएं आमंत्रित है।

प्रकाशन हेतु लेखक अपनी रचना "[email protected]" पर ईमेल कर सकते हैं।

पुस्तक समीक्षा प्रकाशन हेतु पुस्तक की एक प्रति डाक द्वारा निम्न पते पर अवश्य भेजें :

डॉ पुष्पलता अधिवक्ता मुजफ्फरनगर
253-ए, साउथ सिविल लाइन,
मुजफ्फरनगर-251001 (उ.प्र.)

Go to top

 © सर्वाधिकार सुरक्षित आखर-आखर (हिन्दी वेब पत्रिका) || Powered by Rajmangal Associates Pvt Ltd